जय श्री श्याम, दिल्ली से हर सप्ताह यात्रा 📞 +91 72899 02692

दिल्ली से खाटू श्याम जी

दिल्ली से खाटू श्याम यात्रा

श्री श्याम मंदिर, खाटू, ज़िला सीकर, राजस्थान। रात को दिल्ली से गाड़ी चलती है, सुबह बाबा के दरबार में दर्शन होते हैं, और दोपहर तक आप घर वापस।

खाटू श्याम मंदिर का मुख्य द्वार, सीकर राजस्थान
~261किमी, दिल्ली से
5 से 6घंटे, एक तरफ़
रातदिल्ली से प्रस्थान
1दिन में वापसी

खाटू श्याम जी दिल्ली से सबसे ज़्यादा जाने वाला धाम है, और हमारी सबसे नियमित यात्रा भी यही है। रास्ता दिल्ली से रींगस होते हुए खाटू तक जाता है। रात को चलने का फ़ायदा यह है कि सोते हुए सफ़र कट जाता है, सुबह की ताज़ा हवा में दर्शन होते हैं, और भीड़ भी सुबह अपेक्षाकृत कम मिलती है।

यात्रा का क्रम

1

रात को प्रस्थान

आपके तय पिकअप पॉइंट से गाड़ी उठाती है। पूरे रास्ते भजन और कीर्तन चलता है।

2

सुबह दर्शन

सुबह खाटू पहुँचकर दर्शन। लाइन में हमारा यात्रा सहायक साथ रहता है।

3

दोपहर तक वापसी

दर्शन और प्रसाद के बाद वापसी। शाम तक आप अपने घर पहुँच जाते हैं।

जाने से पहले यह जान लीजिए

📖 खाटू श्याम जी की कथा और पूजा की विधि पढ़ें

किराए में क्या शामिल है

🚐

AC टेम्पो ट्रैवलर या बस

वाहन का किराया, टोल, पार्किंग और ड्राइवर, सब किराए में।

🍎

प्रसाद और पानी

हर यात्री को पानी की बोतल और मंदिर का प्रसाद, कोई छिपा शुल्क नहीं।

🧑‍🦳

यात्रा सहायक साथ

पूरी यात्रा में एक सहायक साथ रहता है, दर्शन की लाइन में भी।

🚇

मेट्रो से पिकअप

उत्तम नगर, द्वारका, रोहिणी, लक्ष्मी नगर, आनंद विहार, कश्मीरी गेट और अन्य।

🛡️

यात्रा बीमा कवर

हर यात्री का ट्रैवल इंश्योरेंस, सुरक्षा में कोई समझौता नहीं।

📍

परिवार को लाइव लोकेशन

घरवालों को WhatsApp पर यात्रा की लाइव लोकेशन भेजी जाती है।

शामिल नहीं: एक दिन की यात्राओं में भोजन, और मंदिर की विशेष पूजा या VIP दर्शन का शुल्क।

इस यात्रा के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

दिल्ली से खाटू श्याम कितनी दूर है और कितना समय लगता है?

दिल्ली से खाटू श्याम जी लगभग 261 किमी है और सड़क मार्ग से 5 से 6 घंटे लगते हैं। हमारी यात्रा रात को दिल्ली से चलती है, सुबह दर्शन होते हैं और दोपहर तक वापसी हो जाती है।

क्या एक ही दिन में जाकर लौटा जा सकता है?

जी हाँ, यही हमारी नियमित यात्रा है। रात को प्रस्थान होता है, इसलिए सफ़र सोते हुए कट जाता है और अगले दिन दोपहर तक आप वापस आ जाते हैं। अलग से छुट्टी लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

बुज़ुर्ग यात्रियों के लिए क्या व्यवस्था रहती है?

आगे की सीट, चढ़ने-उतरने में मदद, दर्शन की लाइन में साथ, और पहले से बताने पर व्हीलचेयर की व्यवस्था। हमारे ज़्यादातर यात्री बुज़ुर्ग ही होते हैं, पूरी यात्रा उसी हिसाब से चलती है।

क्या दर्शन की गारंटी है?

नहीं, और यह हम साफ़ कह देते हैं। मंदिर की भीड़, लाइन की लंबाई और मंदिर प्रशासन के फ़ैसले हमारे हाथ में नहीं होते। हम लाइन में साथ रहते हैं और जो भी मदद हो सकती है वो करते हैं, पर दर्शन का वादा कोई नहीं कर सकता।

रद्द करने और रिफंड के नियम

प्रस्थान से 72 घंटे पहले तक रद्द करने पर 100% रिफंड। 24 से 72 घंटे के बीच 50%। 24 घंटे के अंदर रिफंड संभव नहीं, परंतु आप अपनी सीट किसी और को दे सकते हैं या अगली यात्रा में समायोजित करा सकते हैं।

अगली यात्रा में आपका स्वागत है 🙏

सीटें सीमित हैं, आज ही अपनी जगह पक्की करें।